बंगाली डायरेक्टर सृजित मुखर्जी ही वह व्यक्ति है जिन्होंने प्रशंशनीय फिल्म 'राजकहिनी' और उसकी आने वाली हिंदी रीमेक को डायरेक्ट किया है। और उनके एक बयान पर असली बेगम जान कुछ ख़फा सी है। उन्होंने कहा कि, "'बेगम जान' को लेकर उनकी पहली पसंद हमेशा से विद्या बालन ही थीं।"
उनके इस बयान ने असली बेगम जान यानि की 'राजकहिनी' की अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता को बेहद ही सदमे में डाल दिया है, वह आजतक इस सच से वाकिफ नहीं थीं।
कलकत्ता में रितुपर्णा से हो रहे एक इंटरव्यू कहा कि, "मुझे आज तक नही पता था कि वह 'राजकहिनी' में भी विद्या बालन को ही चाहते थे। फिर वह ये बात आज क्यों बोल रहे है? हम बहुत दिनों से साथ में एक फिल्म करने के बारे में बात कर रहे थे। सृजित ने मुझसे कहा कि वह सिर्फ केवल मेरे पास आए थे इस रोल के लिए। उस वक़्त मै दिल्ली में एक इवेंट में थी, और जब मैंने अपना फ़ोन देखा तो देखा दस मिस कॉल! उन्होंने फिरसे कॉल किया और कहा, उनके पास कुछ बहोत मज़ेदार है उनके लिए। मैंने उन्हें मेंरे वापस आने तक का इंतज़ार करने को कहा और जब मैं कोलकाता पहुंची तब वह मेरे घर पर स्क्रिप्ट के साथ आए थे।
रितुपर्णा ने कहा कि उन्हें सृजित का यह बयान सुन के थोड़ा बुरा लगा पर बाद में उन्हें महसूस हुआ की उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया है तब अपने फीलिंग्स को सोशल मीडिया पर जाहिर किया। और कहा कि अब मैं बोहोत इम्पॉवर्ड हूँ, और हर काम मैं अपनी हिसाब से करती हूं। मैंने बेगम जान का किरदार अपने अंदर लाया था। कोई भी राजकहिनी के बेगम जान को नहीं भूलेगा इससे कोई फर्क नहीं पड़ना है मैं पहली विकल्प हूँ या दूसरी! डायरेक्टर से मेरे काफी अच्छे सम्बन्ध है, और मुझे पता है उस फिल्म ने मेरे लिए क्या-क्या किआ है तो मेरी कोई शिकायत नहीं है बस मन में थोड़ी सी उदासी है.... मुझे नेशनल अवार्ड मिलने वाला था, मई खुश थी की जितना भी मेरे अंदर दबाव मेरी मेनहत प्यार और जूनून था मैंने इस फिल्म में दिया। और मैंने अपने जिंदगी के अभी तक के सबसे कठिन किरदार को निभाया।
रितुपर्णा ने कहा कि वह इस किरदार के बारे में बात करने में थोड़ा हिचकिचा रही थीं। लेकिन सृजित को उनके ऊपर भरोसा था कि वो ये कर लेंगी। मैंने उनसे पूछा क्या उन्हें सच में ये लगता है कि वह कर पाएंगी. सृजित ने कहा कि मुझे इसमे नारिवादिता को दिखाना है, यह एक ऐसा किरदार है जिसमे मानसिक और शरीरिक तयारी की जरुरत होगी। मैं उनके इस प्रस्ताव को लेकर काफी उत्साहित थी पर ये मेरे लिए बहुत बड़ी चुनौती थी पर सृजित ने मुझे सब अच्छे से समझाया। मुझे अपने आवाज में कोठेवाली की आवाज लाने के लिए माइक्रोफोन में बोहोत चिल्ला कर फिर डब करना पड़ता था। कभी कभी मैं थक कर जमीन पर लेट जाती थी तो सृजित मुझे रेस्ट करके वापस आने को बोलते थे। और इन सब से गुज़रने के बाद जब मैंने नेशनल अवार्ड मिस कर दिया मैं बोहोत निराश थी।
ऐसा कहा जा रहा है कि विद्या बालन ने राजकहिनी में रितुपर्णा को देखकर हाँ बोला। रितुपर्णा ने बेगम जान का ट्रेलर देखकर कहा "मैंने ट्रेलर देखा ये बिलकुल राजकहिनी के जैसा है, मुझे लगा की मैं अपनी ही फिल्म देख रही हूं बस चहरे बदल गए हैं।
मुझे लगा, "हे भगवान! मैं अपनी ही फिल्म देख रही हूं!"
सृजित ने कहा था
"असल में 'राजकहिनी' द्विभाषीय लिखी गई थी और मैंने सोचा था कि विद्या बालन को मैं दोनों फिल्मों में किरदार निभाने के लिए लूं। लेकिन मुझे उनके तारीख न मिलने के कारण मैं काम नही कर पाया, तो मैंने बंगाली फिल्म के बारे में सोचा और रितुपर्णा को कास्ट किया।"
