• गोगोई को सम्मान दे सेना ने घाटी के आतंकियों और पत्थरबाजों को दिया सख्त संदेश

    army awards major in `human shield' row, makes j&k intent clear
    फाइल फोटो
    नई दिल्ली 
    कश्मीर घाटी में पत्थरबाजों से निपटने के लिए एक स्थानीय युवक को जीप से बांधकर मानव ढाल की तरह इस्तेमाल करने वाले मेजर नितिन गोगोई को सम्मानित कर सेना ने पत्थरबाजों को सख्त और साफ संदेश दिया है। रक्षा जानकार सेना के इस कदम को कश्मीर की बिगड़ती स्थिति को सख्ती से निपटने के तौर पर देख रहे हैं। 



    गोगोई को आतंकवाद निरोधी कार्रवाई के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) कॉमन्डेशन से नवाजा गया है। सेना ने गोगोई की आलोचनाओं को धता बताते हुए उन्हें इस सम्मान से नवाजा है। एक जवान से आर्मी सर्विस कॉर्प में मेजर के पद तक पहुंचने वाले गोगोई की एक युवक को जीप पर बांधकर मानव ढाल बनाने की घटना की काफी आलोचना हुई थी। गोगोई पर मानवाधिकार और जिनीवा समझौते के उल्लंघन का आरोप लगे थे।


    सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'सेना और सरकार दोनों इस बात पर सहमत थे कि घाटी में लगातार आतंक निरोधी कार्रवाई में अड़ंगा लगा रहे आतंकियों और पत्थरबाजों को कोई जगह नहीं देनी चाहिए।' आर्मी चीफ बिपिन रावत ने पिछले सप्ताह अपनी घाटी के दौरे में टॉप कमांडरों से कहा था कि उन्होंने गोगोई को सम्मान देने का फैसला किया है। आर्मी चीफ ने कहा, 'गोगोई का आतंक निरोधी अभियान में महती प्रयास और मानव ढाल मामले में खून खराबा रोकने के लिए उनकी सूझबूझ काबिलेतारीफ थी।'


    मजेदार बात यह है कि गोगोई द्वारा 9 अप्रैल को बड़गाम में मानव ढाल मामले की आर्मी कोर्ट में अभी जांच चल ही रही है। हालांकि, सेना के शीर्ष अधिकारी इस मामले में गोगोई की कार्रवाई से इत्तेफाक रखते हुए उनकी तरफदारी कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि मेजर गोगोई ने जान-माल की सुरक्षा के लिए सबसे सुरक्षित तरीका अपनाया। 

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    कश्मीर में पत्थरबाज को जीप से बांधने वाले मेजर हुए सम्मानित

    एक अधिकारी ने कहा, 'मेजर गोगोई को सम्मानित करते वक्त उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन और आर्मी कोर्ट में चल रही जांच समेत सभी मुद्दों को ध्यान में रखा गया था।' सेना के अधिकारियों ने कहा कि मेजर गोगोई ने अलग सोच के साथ कार्रवाई की। गोगोई बिना कोई गोली चलवाए अपने फंसे जवानों को मुश्किल हालात से बाहर निकाल लाए। हालांकि बाद में जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती और नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अबदुल्लाह की मांग के बाद राज्य पुलिस ने मामले में FIR दर्ज की थी। 



    सेना ने कहा कि गोगोई को सम्मान देने का फैसला एक कर्नल के नेतृत्व वाली समिति ने किया। समिति ने वस्तुस्थिति की जांच के बाद उन्हें सम्मान देना तय किया। सेना का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कुछ धड़ों द्वारा अलगाववादियों से बातचीत की मांग उठ रही है। सेना के इस कदम को केंद्र द्वारा सेना को समर्थन के तौर पर भी देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि केंद्र आतंकवाद प्रभावित दक्षिण कश्मीर में सेना के कदम को रोकना नहीं चाहती है। सेना इस इलाके में कानून-व्यवस्था को चुस्त करने की भरसक कोशिश में लगी है। 
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